कल्याणी-जब्बारीपुर मार्ग का करीब 20 मीटर हिस्सा बारिश में बहने से बना था 20 फीट गहरा गड्ढा, दर्जनों गांवों के आवागमन पर पड़ा था असरऊंचाहार (रायबरेली)। क्षेत्र में विकास कार्यों को लेकर प्रशासनिक स्तर पर तत्परता का एक मामला सामने आया है। ऊंचाहार क्षेत्र के कल्याणी गांव से जब्बारीपुर गांव को जोड़ने वाली लोक निर्माण विभाग की सड़क का करीब 20 मीटर हिस्सा बरसात के दौरान बह जाने के बाद मार्ग पर लगभग 20 फीट गहरा गड्ढा बन गया था। सड़क के क्षतिग्रस्त होने से आसपास के कई गांवों के ग्रामीणों के सामने आवागमन की गंभीर समस्या खड़ी हो गई थी। सबसे अधिक परेशानी स्कूली बच्चों, किसानों, मरीजों और रोजाना इस मार्ग से आने-जाने वाले लोगों को उठानी पड़ रही थी।ग्रामीणों के अनुसार, सड़क का एक बड़ा हिस्सा बह जाने के बाद मार्ग बेहद खतरनाक स्थिति में पहुंच गया था। सड़क के बीचोंबीच बने गहरे गड्ढे के कारण वाहन चालकों को जान जोखिम में डालकर आवागमन करना पड़ रहा था। बरसात के दौरान स्थिति और भी गंभीर हो जाती थी, क्योंकि पानी भर जाने से गड्ढे की गहराई का अंदाजा लगाना मुश्किल हो जाता था। ग्रामीणों को आशंका थी कि यदि समय रहते सड़क की मरम्मत नहीं कराई गई तो किसी भी समय बड़ा हादसा हो सकता है।इसी समस्या को गंभीरता से लेते हुए भाजपा ओबीसी मोर्चा के प्रांतीय मंत्री अभिलाष कौशल ने सड़क की समस्या को ऊंचाहार के कैबिनेट मंत्री एवं वर्तमान विधायक मनोज पांडेय के समक्ष प्रमुखता से उठाया।बैठक में उठाया गया सड़क का मुद्दाजानकारी के अनुसार, दो दिन पूर्व कंदरावा गांव में आयोजित एक बैठक के दौरान भाजपा ओबीसी मोर्चा के प्रांतीय मंत्री अभिलाष कौशल ने क्षेत्र की विभिन्न समस्याओं पर चर्चा के दौरान कल्याणी-जब्बारीपुर मार्ग की जर्जर स्थिति का मुद्दा भी उठाया। उन्होंने मंत्री मनोज पांडेय को बताया कि बरसात के कारण सड़क का लगभग 20 मीटर हिस्सा पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो गया है और वहां करीब 20 फीट गहरा गड्ढा बन गया है।उन्होंने बताया कि यह मार्ग केवल कल्याणी और जब्बारीपुर गांव के लोगों के लिए ही महत्वपूर्ण नहीं है, बल्कि आसपास के कई गांवों के लोग भी इसी रास्ते से आवागमन करते हैं। सड़क क्षतिग्रस्त होने के कारण ग्रामीणों को अपने गंतव्य तक पहुंचने के लिए परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। किसानों को खेतों तक पहुंचने में दिक्कत हो रही है, जबकि स्कूली बच्चों को भी रोजाना जोखिम उठाकर रास्ता पार करना पड़ रहा है।अभिलाष कौशल ने मंत्री के सामने यह भी कहा कि सड़क की मौजूदा स्थिति को देखते हुए यदि तत्काल मरम्मत नहीं कराई गई तो आने वाले दिनों में समस्या और गंभीर हो सकती है। गहरे गड्ढे के कारण दोपहिया और चारपहिया वाहनों के दुर्घटनाग्रस्त होने की आशंका बनी हुई थी।मंत्री ने लोक निर्माण विभाग के अधिकारियों को दिए निर्देशबताया जाता है कि सड़क की स्थिति की जानकारी मिलने के बाद मंत्री मनोज पांडेय ने मामले को गंभीरता से लिया। उन्होंने उसी दिन लोक निर्माण विभाग के अधिशासी अभियंता से फोन पर बात कर सड़क की स्थिति की जानकारी ली और जल्द से जल्द मौके पर मरम्मत कार्य शुरू कराने के निर्देश दिए।मंत्री की ओर से संबंधित विभाग को 24 घंटे के भीतर सड़क की मरम्मत का कार्य शुरू करने के निर्देश दिए जाने की बात सामने आई। इसके बाद लोक निर्माण विभाग के स्तर पर कार्रवाई शुरू हुई और अगले ही दिन जेसीबी मशीन तथा मिट्टी से भरे ट्रक मौके पर पहुंच गए।मौके पर पहुंची मशीनों की मदद से सड़क के क्षतिग्रस्त हिस्से में मिट्टी डालकर गड्ढे को भरने का काम शुरू किया गया। सड़क पर चल रहे मरम्मत कार्य को देखकर ग्रामीणों ने राहत की सांस ली।24 घंटे के भीतर मौके पर पहुंचा अमलाग्रामीणों का कहना है कि लंबे समय से सड़क के क्षतिग्रस्त हिस्से को लेकर चिंता बनी हुई थी। बरसात के बाद सड़क का करीब 20 मीटर हिस्सा बह जाने से रास्ते की स्थिति बेहद खराब हो गई थी। ऐसे में जब शिकायत सामने रखे जाने के बाद महज 24 घंटे के भीतर मरम्मत कार्य शुरू हुआ तो लोगों में खुशी देखने को मिली।मौके पर जेसीबी मशीन और मिट्टी लदे ट्रकों के पहुंचने के बाद सड़क को दोबारा चलने योग्य बनाने का काम शुरू किया गया। कर्मचारियों और मशीनों की मदद से गहरे गड्ढे को भरने के साथ ही क्षतिग्रस्त हिस्से को समतल करने का प्रयास किया गया।ग्रामीणों ने कहा कि बरसात के दौरान सड़क के बह जाने के बाद उन्हें हर समय हादसे की चिंता रहती थी। खासकर रात के समय इस मार्ग से गुजरना काफी जोखिम भरा हो गया था। सड़क पर पर्याप्त रोशनी नहीं होने और गड्ढे की गहराई अधिक होने के कारण वाहन चालकों को परेशानी होती थी।स्कूली बच्चों और मरीजों को होती थी सबसे अधिक परेशानीकल्याणी-जब्बारीपुर मार्ग क्षेत्र के ग्रामीणों के लिए महत्वपूर्ण संपर्क मार्ग बताया जा रहा है। ग्रामीणों के मुताबिक इस रास्ते से प्रतिदिन बड़ी संख्या में लोग आवागमन करते हैं। स्कूल जाने वाले बच्चों को भी इसी मार्ग से गुजरना पड़ता है।सड़क टूटने के कारण बच्चों को रास्ते में काफी सावधानी बरतनी पड़ती थी। वहीं, किसी ग्रामीण के बीमार पड़ने पर मरीज को अस्पताल तक ले जाने में भी परेशानी का सामना करना पड़ता था। ग्रामीणों का कहना है कि आपात स्थिति में खराब सड़क किसी बड़ी समस्या का कारण बन सकती थी।किसानों के लिए भी यह रास्ता महत्वपूर्ण है। खेतों तक कृषि सामग्री पहुंचाने और उपज को बाजार तक ले जाने के लिए ग्रामीण इस मार्ग का इस्तेमाल करते हैं। सड़क क्षतिग्रस्त होने के बाद ट्रैक्टर और अन्य बड़े वाहनों के आवागमन में भी परेशानी हो रही थी।ग्रामीणों ने जताया आभारमरम्मत कार्य शुरू होने के बाद ग्रामीणों में खुशी का माहौल देखने को मिला। ग्रामीणों ने मंत्री मनोज पांडेय और भाजपा ओबीसी मोर्चा के प्रांतीय मंत्री अभिलाष कौशल का आभार जताया।ग्रामीणों का कहना है कि सड़क की समस्या को समय रहते संबंधित स्तर पर उठाया गया और अधिकारियों तक बात पहुंचने के बाद काम शुरू हुआ। लोगों ने उम्मीद जताई कि क्षतिग्रस्त हिस्से को जल्द पूरी तरह दुरुस्त कर दिया जाएगा, जिससे आवागमन सामान्य हो सकेगा।ग्रामीणों ने कहा कि बरसात के बाद सड़क का क्षतिग्रस्त हिस्सा बेहद खतरनाक हो गया था। लोगों की भाषा में कहें तो यह हिस्सा ‘मौत का कुआं’ बन गया था। ऐसे में मरम्मत कार्य शुरू होने से उन्हें बड़ी राहत मिली है।स्थायी समाधान की भी मांगहालांकि ग्रामीणों ने तत्काल राहत के लिए शुरू किए गए कार्य का स्वागत किया है, लेकिन उनका कहना है कि सड़क की केवल मिट्टी भराई तक सीमित मरम्मत के बजाय क्षतिग्रस्त हिस्से का स्थायी समाधान भी कराया जाना जरूरी है।ग्रामीणों का कहना है कि बरसात के दौरान पानी के तेज बहाव के कारण सड़क का हिस्सा बहा है। इसलिए भविष्य में दोबारा ऐसी स्थिति उत्पन्न न हो, इसके लिए सड़क के क्षतिग्रस्त हिस्से को मजबूत तरीके से तैयार किया जाना चाहिए। साथ ही पानी की निकासी और सड़क के किनारे सुरक्षा व्यवस्था पर भी ध्यान दिया जाना चाहिए।ग्रामीणों ने उम्मीद जताई कि लोक निर्माण विभाग द्वारा क्षतिग्रस्त हिस्से की तकनीकी जांच कराकर सड़क को मजबूत तरीके से दुरुस्त कराया जाएगा, ताकि आने वाली बरसात में दोबारा सड़क बहने की स्थिति न बने।क्षेत्र में चर्चा का विषय बना त्वरित कार्रवाईकल्याणी-जब्बारीपुर मार्ग पर मरम्मत कार्य शुरू होने के बाद क्षेत्र में इसकी चर्चा होने लगी। ग्रामीणों के बीच इस बात को लेकर संतोष दिखाई दिया कि सड़क की समस्या को स्थानीय स्तर पर उठाए जाने के बाद विभागीय स्तर पर कार्रवाई शुरू हुई।ग्रामीणों ने कहा कि जनप्रतिनिधियों और अधिकारियों तक क्षेत्र की समस्याएं पहुंचने के बाद यदि इसी तरह समयबद्ध तरीके से कार्रवाई होती रहे तो ग्रामीण क्षेत्रों की कई मूलभूत समस्याओं का समाधान हो सकता है।मौके पर प्रमुख रूप से विमलेश पाल, राकेश कुमार, राजेंद्र प्रसाद निषाद और रामदीन पासी सहित अन्य ग्रामीण मौजूद रहे।ग्रामीणों को आवागमन सुचारू होने की उम्मीदसड़क की मरम्मत शुरू होने के बाद ग्रामीणों को उम्मीद है कि जल्द ही कल्याणी से जब्बारीपुर के बीच आवागमन पहले की तरह सुचारू हो जाएगा। लोगों का कहना है कि यह मार्ग आसपास के ग्रामीणों के लिए रोजमर्रा की जरूरतों से जुड़ा हुआ है। सड़क ठीक होने से स्कूली बच्चों, किसानों, मरीजों, व्यापारियों और अन्य राहगीरों को राहत मिलेगी।फिलहाल लोक निर्माण विभाग द्वारा क्षतिग्रस्त हिस्से में मिट्टी डालकर गड्ढे को भरने का कार्य शुरू कर दिया गया है। ग्रामीणों की नजर अब इस बात पर है कि सड़क का अंतिम रूप से किस तरह पुनर्निर्माण किया जाता है और क्षतिग्रस्त हिस्से को कितनी मजबूती से तैयार किया जाता है।ग्रामीणों ने कहा कि लंबे समय से बनी परेशानी के बाद सड़क पर काम शुरू होना उनके लिए राहत की खबर है। लोगों ने उम्मीद जताई कि विभाग जल्द ही मरम्मत का काम पूरा कराकर मार्ग को सुरक्षित और सुचारू आवागमन के लिए तैयार करेगा।
